कहानीघर शुरू हुआ सन् 2014, पटना में. मीनाक्षी और रॉनी, एक सफल चित्रकार और दूजा एक डिजाइन थिंकर, को एक अनुभूति हुई किहम अपने और समाज के लिए तो बहुत कुछ कर रहे हैं पर कभी हमने ये नहीं सोचा कि ‘बचपन’ के लिए हमने क्या किया? क्या बचपनसंरक्षित है? क्या बचपन को संरक्षित करना हमारा उत्तरदायित्व नहीं?
शुरुआत तो कहानीघर में कहानी सुनने, बोलने, लिखने, पढने, देखने व समझने से हुई, पर छुक-छुक करती ये गाड़ी आज बहुत आगेनिकल आई है. पूर्ण विश्वास है कि ये गाड़ी अब देश के हर गाँव, कस्बा , घर, मोहल्ला, गली व शहर तक सीटी बजाते हुए पहुंच जायेगी,उन सभी बच्चों को सवारी कराने जिन्हें बचपन एक अधिकार स्वरूप मिला हो. हर बच्चा जाने-अनजाने में इसकी बाट जोह रहा है. आइयेहम सभी इसके साथ चलें…हर घर में एक कहानी है और हर घर बने एक कहानीघर.

YOUR DONATION CAN BRING A SMILE ON MILLIONS OF KIDS

 

Sponsor

Pencil, Rubber & Notebooks for a Child

Sponsor

A Shoe for a Child

Sponsor

A School Bag, Tiffin Box & Water Bottle

Sponsor

Nutrition Supplements for 6 Months 

Sponsor

Nutrition supplements for 12 Months

Like Us on Facebook